सपने शायरी – Sapne Shayari in Hindi

Sapne Shayari

चंद यादें हैं चंद सपने हैं
अपने हिस्से में और क्या है जी !

सारे सपने बाँध रखे हैं गठरी में
ये गठरी भी औरों में बट जाएगी !

छूते ही आशाएँ बिखरीं जैसे सपने टूट गए
किस ने अटकाए थे ये काग़ज़ के फूल बबूल में !

ज़िंदगी तो सपना है कौन राम अपना है
क्या किसी को दुख देना क्या किसी का ग़म करना !

ये कड़वा सच है यारों मुफ़्लिसी का
यहाँ हर आँख में हैं टूटे सपने !

इक दिन उस ने नैन मिला के शर्मा के मुख मोड़ा था
तब से सुंदर सुंदर सपने मन को घेरे फिरते हैं !

एक ख़्वाहिश है जो शायद उम्र भर पूरी न हो
एक सपने से हमेशा प्यार करना है मुझे !

अब भी आती है तिरी याद प इस कर्ब के साथ
टूटती नींद में जैसे कोई सपना देखा !

हिन्दी में और उर्दू में फ़र्क़ है तो इतना
वो ख़्वाब देखते हैं हम देखते हैं सपना !

मैं जिन को अपना कहता हूँ कब वो मिरे काम आते हैं
ये सारा संसार है सपना सब झूटे रिश्ते नाते हैं !

ज़मीं के ज़ख़्म समुंदर तो भर न पाएगा
ये काम दीदा ए तर तुझ को सौंपना होगा !

हमें तो ख़्वाब का इक शहर आँखों में बसाना था
और इस के बाद मर जाने का सपना देख लेना था !

ये सन कर मेरी नींदें उड़ गई हैं
कोई मेरा भी सपना देखता है !

वो रातें चाँद के साथ गईं वो बातें चाँद के साथ गईं
अब सुख के सपने क्या देखें जब दुख का सूरज सर पर हो !