Shiv Shayari | शिव शायरी 391+

The Complete Guide To Understanding Shiv Shayari . Three Quick Ways To Learn Shiv Shayari . 7 Incredible Shiv Shayari Transformations. How To Make Money From The Shiv Shayari Phenomenon.

Why Shiv Shayari Is A Tactic Not A Strategy. 10 Reasons Your Shiv Shayari Is Not What It Should Be.

Shiv Shayari

मैंने तेरा नाम ले लेकर ही सारे काम किए हैं,
लोग समझते हैं कि मैं किस्मत वाला हूं।
जय भोलेनाथ

 

मस्तक सोहे ‪चन्द्रमा‬, गंग ‪‎जटा‬ के बीच,
श्रद्धा‬ से ‪‎शिवलिंग‬ को, निर्मल जल मन से सीच।

 

विश्व का कण कण शिव मय हो
अब हर शक्ति का अवतार उठे
जल थल और अम्बर से फिर
बम बम भोले की जय जयकार उठे।

 

नाच रहे ड़मरू की ताल पर शिवशंम्भु,
त्रिशुलधारी गंगाधर बाबा महाकाल सर्वेशु।

 

जिनके रोम रोम में शिव हैं
वही विष पिया करते हैं
जमाना उन्हे क्या जलाएगा
जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं।
जय भोलेनाथ, शिव शम्भू

 

अगर महाकाल से मोहब्बत करना सजा है,
तो ऐसी सजा मुझे हर बार मंजूर है।
जय भोलेनाथ

 

शिव की बनी रहे आप पर छाया
पलट दे जो आपकी किस्मत की काया
मिले आपको वो सब इस अपनी ज़िन्दगी में
जो कभी किसी ने भी ना पाया।

 

मुझमें कोई छल नहीं, तेरा कोई कल नहीं
मौत के ही गर्भ में, ज़िंदगी के पास हूँ
अंधकार का आकार हूँ, प्रकाश का मैं प्रकार हूँ।
मैं शिव हूँ। मैं शिव हूँ। मैं शिव हूँ।

 

शिव की ज्योति से नूर मिलता है
सबके दिलो को सुरूर मिलता हैं
जो भी जाता है भोले के द्वार
कुछ न कुछ ज़रूर मिलता हैं।