सनसेट शायरी | Sunset Shayari

Sunset Shayari | सनसेट शायरी

Don’t Be Fooled By Sunset Shayari. 5 Ways You Can Get More Sunset Shayari While Spending Less. 3 Things Everyone Knows About Sunset Shayari That You Don’t.

Why Ignoring Sunset Shayari Will Cost You Time and Sales. Best Sunset Shayari Android/iPhone Apps. The Sunset Shayari That Wins Customers.	 Sunset Shayari

 

ढलता हुआ सुरज बताता है,
ऐसा समय जीवन में आता है.

 

समंदर में समा जाता है सूरज,
किनारे से देखो तो ऐसा नजर आता है सूरज

 

आज जवानी पर इतरानेवाले कल पछतायेगा,
चढ़ता सूरज धीरे धीरे ढलता है ढल जायेगा.

 

तेरी याद को तड़पाना क्या खूब आता है,
आँखे भीग जाती है, सूरज डूब जाता है.

 

डूबते हुए सूरज की तरह थी वो,
नादानी मेरी, उगता हुआ सूरज समझ लिया.

 

चढ़ते सूरज के पुजारी तो लाखों है,
डूबते वक्त हमने सूरज को भी तन्हा देखा.

 

मुझे पता ना चला,
पर वो चलता रहा,
मैं देखता रहा
और वो ढलता रहा.
 

 

उगते हुए सूरज को सलाम करने वालो,
मैंने डूबते हुए सूरज के सजदे में सिर झुकाया हूँ.