तस्वीर शायरी | Tasveer Shayari

Tariq Shayari In Hindi

दिल में तेरी तस्वीर नहीं थी ऐसा नहीं था
बस इतना समझ लो की हाथो में
तेरे नाम की लकीरे नहीं थी।

वो रंग भरा हे मेने तेरी तस्वीर में
की लोग देखेंगे तुझे और
पूछेंगे मुझे।

देखता रहु में सुबह शाम तेरी
तस्वीर ही
कब आओंगे मेरे घर बनकर
मेरा दिल और मेरी जान।

आँख नम जब हो जाती हे
तो बेवजह याद तुम्हारी आती हे
जब तेरी मुस्कान भरी तस्वीर देखता हु
तो वो वजह कुछ खास लगती हे।
वो बिजलियों से फिर घभराती होंगी

जब शहर में घटाए छाती होंगी
देखकर पुरानी तस्वीरों को वो
तन्हाई में खूब आंसू बहाती होंगी।